मत्ती 18:33 - Halbi33 ऐईकाजे जसन मय तुचो उपरे दया करले, असने ची काय तुके बले आपलो संगवारी दास उपरे दया करतोर नी रली?’ Viz kapitolaपरमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू33 एकोलाने जसो मी न तो पर किरपा करी हैं, असो ही का तोखा भी अपनो स्वंय को दास पर दया करनो नी चाहयो हतो?’ Viz kapitola |