लूका 8:47 - Halbi47 जिदलदाय बायले लेकी दकली कि मय लुकुक नी सकें, तेबे थरथरते ईली आउर हुनचो पाँयमन थाने घसरुन भाती सपाय लोगमन चो पुरे सांगली कि हुन काय कारन हुनके छिंवली, आउर कसन तुरते चेंगा होली। Viz kapitolaपरमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू47 जब बाई न देखी कि मी छिप नी सकत; ते वा कापते अई, अर ओको पाय हुन पर गिढ सब लोगो का सामने बतायो कि ओ ना किस कारन से ओखा छुओ, अर कसी तुरत चंगी भई। Viz kapitola |