रोमियों 7:18 - गढवली नयो नियम18 किलैकि मि जंणदु छौं, कि मि मा यानि मेरा पापमय मनिख स्वभाव मा कुछ भि नि च, भला काम कने की इच्छा त मि मा च पर ऊं तैं कन मि बट्टी नि हूंदो। Viz kapitolaGarhwali18 किलैकि मि जणदु छौं, कि मेरा सभौ मा कुछ भि भलु नि च, हाँ मेरा भितर कुछ भि अच्छु नि च, किलैकि मेरा मन मा भलै करण की मनसा च, मगर मि फिर भि वीं भलै तैं अच्छे से नि कैरी सकदु। Viz kapitola |