रोमियों 2:4 - गढवली नयो नियम4 क्य तु परमेश्वर कि भलै, अर सहनशीलता, धीरजरूपी धन तैं तुच्छ समझणी छै? अर क्य तू इन नि समझणी छै कि पिता परमेश्वर कि भलै त्वे तैं पाप बट्टी मन फिराण तैं सिखांदी? Viz kapitolaGarhwali4 अर एक बात बता, क्या तुम लोग परमेस्वर की किरपा, अर वेकी सौण की ताकत, अर हमेसा का धन तैं सुद्दी समझद्यां? क्या तुम लोग इन नि समझद्यां, कि परमेस्वर की किरपा तुमरा मन तैं बदळणु खुणि सिखौणि रौन्दी? Viz kapitola |