रोमियों 13:9 - गढवली नयो नियम9 किलैकि मूसा की व्यवस्था मा भौत आज्ञा छिनी जन कि, “व्यभिचार नि करयां, हत्या नि करयां, चोरी नि करयां, लालच नि करयां” अर यूं तैं छोड़ी अर कुई भि आज्ञा हो त सभियूं कु निचोड़ ईं आज्ञा मा मिल्दो, “अपड़ा पड़ोसी बट्टी अपड़ा समान प्रेम रख।” Viz kapitolaGarhwali9 किलैकि पवित्रशास्त्र मा इन आज्ञा देई छिन कि, “तू दुसरा का दगड़ा मा गळत सम्बन्ध नि बणै, तू हत्या नि कैरी, तू चोरी नि कैरी, तू लालच नि कैरी,” अर यों का अलावा जु दुसरि आज्ञा भि छिन, ऊं सब आज्ञाओं को यू मतलब निकळदु की सबसे प्यार कैरा। अर या बात पवित्रशास्त्र मा इन्नि लिखी च कि, “तू अपणा पड़ोसी से उन्नि प्यार कैर जन तू खुद से करदी।” Viz kapitola |