दिब्य दरस 8:12 - गढवली नयो नियम12 चौथा स्वर्गदूत ल तुरै फूंकी, अर सूरज की एक तिहाई, अर जून की एक तिहाई अर गैणों की एक तिहाई पर कुछ टकरै अर नाश हवे गै कि ऊंको एक तिहाई भाग अंधेरो हवे गै, ज्यांका कारण दिन का एक तिहाई बगत तक सूरज ल अपड़ो प्रकाश नि द्ये, अर जून अर गैणा रात का एक तिहाई बगत तक नि चमकीनि। Viz kapitolaGarhwali12 अर जब चौथा स्वर्गदूत न बिगुला बजै, तब सूरज, चाँद अर गैंणो का तीन हिस्सों मदि एक हिस्सा को नास ह्वे गै अर ऊंन उज्याळु देण बन्द कैर दिनी। अर इनकै सूरज न दिन मा चार घन्टा उज्याळु देण बन्द कैरी, अर ठिक उन्नि रात मा चाँद अर तारों न भि चार घन्टा उज्याळु देण बन्द कैर दिनी। Viz kapitola |