दिब्य दरस 8:11 - गढवली नयो नियम11 वे गैणों को नौं “कड़ो” च, यांका बाद भि सभि पांणी जख पोड़ी, कड़ो हवे गै, अर भौत लोग मोरि गैनी किलैकि पांणी कड़ो हवे गै छो, अर भौत सा मनिख वे पांणी का कड़ो हवे जांणा का कारण मोरि गैनी। Viz kapitolaGarhwali11 अर ये गैंणो को नौ धतुरो च, अर येकी बजै से पाणि का तीन हिस्सों मदि एक हिस्सा कड़ु ह्वे गै, अर पाणि कड़ु होण की वजै से भौत सा लोग मोरि गैनी। Viz kapitola |