दिब्य दरस 7:17 - गढवली नयो नियम17 किलैकि चिनखो जु सिंहासन का बीच मा च, उ ऊंकी देखभाल करलो, उन ही जन एक चरवाहा अपड़ा ढिबरो की देखभाल करद; अर उ, ऊं तैं ताजा पांणी पींणु कु लिजालो जु लुखुं तैं जीवन दान दींद, अर पिता परमेश्वर ऊंकी आँखों बट्टी सभि आँसूओं तैं फूंजी दयालो।” Viz kapitolaGarhwali17 किलैकि मेम्ना जु की राजगद्दी का बीच मा च, उ ऊंको चरवाह होलु, अर ऊंतैं जीवन का छोया का पास लेके जालु। अर पिता परमेस्वर ऊंका आंख्यों बटि सब आंसुओं तैं फुंजी द्यालु।” Viz kapitola |