दिब्य दरस 21:1 - गढवली नयो नियम1 फिर मिल नया आसमान अर नई धरती तैं देखि, किलैकि पुरणो स्वर्ग अर धरती अब नि छै अर अब समुद्र भि नि छो। Viz kapitolaGarhwali1 तब मिन एक नयू स्वर्ग अर एक नयी धरती देखि, अर पैलु आसमान अर पैलि धरती गैब ह्वे गै छै, अर समुन्दर भि नि रै। Viz kapitola |