दिब्य दरस 19:10 - गढवली नयो नियम10 जब मिल सूंणि जु मि बट्टी बात कनु छो, त मि वेकी आराधना कनु कु, वे आदिम का संमणी झुकि ग्यों। वेल मि कु बोलि, “मि तैं प्रणाम नि कैर।” मि भस पिता परमेश्वर को एक सेवक छो जन तू छै अर तेरा विश्वासी भयों का जन जु यीशु का द्वारा प्रकट किये गै सच्ची शिक्षाओं पर विश्वास करदींनि अर मणदींनि। भस पिता परमेश्वर ही च जै की त्वे तैं महिमा कन चयणी च। किलैकि परमेश्वर आत्मा च जु पिता परमेश्वर का लुखुं तैं यीशु का द्वारा बतये गै अर सत्य कु प्रचार कना का योग्य बणद। Viz kapitolaGarhwali10 तब मि स्वर्गदूत की भक्ति करणु खुणि वेका खुटों मा पोड़ि ग्यों। मगर वेन मिकू बोलि, “यूहन्ना इन नि कैर, बल्किन मा केवल परमेस्वर की ही भक्ति कैर, किलैकि मि भि तेरा अर तेरी ही तरौं बिस्वासी भै-बैंणो का जन एक सेवक छौं, जौन यीशु का बारा मा गवै देण को काम कैरी। मि त केवल परमेस्वर को रैबार देण वळु छौं, अर तुम लोग यीशु की गवै पर बिस्वास करद्यां अर हम सब वेका सेवक छां।” Viz kapitola |