फिलिप्पी 3:19 - गढवली नयो नियम19 ऊंको अंत विंणास च, उ भस अपड़ा देह की इच्छाओं तैं संतुष्ट कनु कु ज्यूंदींनि, उ अपड़ी बेशर्मी कि बातों पर बड़ो मोन करदींनि, अर उ हमेशा धरती की चिज्युं का बार मा सुचणा रौन्दींनि। Viz kapitolaGarhwali19 अर ऊंका हिसाब-किताब मा अब विणास ही लिख्यूं च, अर ऊं खुणि सरील की इच्छा ही ऊंको ईश्वर ह्वे गै, अर जौं बातों पर सरम औण चयेणी ऊं बातों पर वु बड़ु गर्व करदिन, अर दुनियां की बातों पर अपणु मन लगौन्दिन। Viz kapitola |