फिलिप्पी 2:25 - गढवली नयो नियम25 मिल इपफ्रुदीतुस तैं तुम मा भिजण जरूरी समझी। उ मेरू भैय, अर ऊं शुभ संदेश कु विरोध कन वला लुखुं का विरुद्ध मा मि दगड़ी एक योद्धा का जन खड़ो छो जु तुम्हरो संदेश मि तैं पौछांण वलो एक प्रेरित च, अर जरूरी बातों मा मेरी सेवा कन वलो च Viz kapitolaGarhwali25 पर फिर भि मितैं यू जरुरी लगदु कि मि तुमरा पास इपफ्रुदीतुस भै तैं वापस भेजूँ, अर उ मसीह मा मेरु एक भै का जन अर सेवा का काम मा मेरा दगड़ा मा एक सिपै का जन काम करण वळु च। अर तुम लोगु न मेरी जरुरतों तैं पूरु करणु खुणि अपणा खास आदिम का रुप मा वेतैं मेरा पास भेजि छौ, ताकि उ मेरी मदद कैरी सैको। Viz kapitola |