मरकुस 5:1 - गढवली नयो नियम1 तब यीशु अर वेका चेला झील का छाला पर गिरासेनियों का लुखुं का क्षेत्र मा पौंछिंनी। Viz kapitolaGarhwali1-6 गिरासेनियों का मुलक मा एक मनखि छौ, जै पर खबेस लग्यूं छौ, अर यू मनखि कबरिस्तान मा रौन्दु छौ। अर कुई भि मनखि वेतैं संगुळोन बन्धी के भि नि रखी सकदु छौ, किलैकि कई बार उ बेड़ियों अर संगुळोन बन्धे त गै, मगर वेन ऊं संगुळों तैं तोड़ि दिनी अर बेड़ियों का टुकड़ा-टुकड़ा कैरी दिनी। अर कुई भि मनखि वेतैं वश मा नि रखी सकदु छौ। उ दिन-रात कबरिस्तान मा अर पाड़ो मा लगातार चिल्लाणु रौन्दु छौ, अर ढुंगा मारी-मारी के अफ तैं नुकसान पौंछान्दु छौ। अर जब यीशु अर वेका चेला झील का दुसरा छाला गिरासेनियों का मुलक मा पौंछिनी, अर जन्नि यीशु नाव बटि उतरि, कि देखा, तुरन्त यू मनखि जैमा खबेस लग्यूं छौ, कबरिस्तान बटि निकळि अर यीशु तैं दूर से देखि के भागी के वेसे मिली अर वेतैं परणाम कैरी। Viz kapitola |