मरकुस 2:22 - गढवली नयो नियम22 अर इन ही नई दाखमधु तैं पुरणी छाकल मा कुई नि रखदु नथिरी दाखमधु छाकल तैं फाड़ी दयालो अर दाखमधु अर मश्क द्वी बरबाद हवे जालि पर दाखरस नई छाकुलों मा भरे जांद। Viz kapitolaGarhwali22 अर ठिक उन्नि कुई भि नयू अंगूरों को रस पुरणा चमड़ा का थैला मा नि भोरदु। अर अगर भोरलु, त नयू अंगूरों को रस पुरणा चमड़ा का थैला तैं फाड़ी द्यालु। तब चमड़ा को थैला अर रस दुई बरबाद ह्वे जाला, इलै नया अंगूरों का रस तैं नया चमड़ा का थैलों मा भुरे जान्दु।” Viz kapitola |