मरकुस 14:5 - गढवली नयो नियम5 किलैकि यु इत्र त एक साल से भि जादा की दिन की मजदूरी मा बेचि के गरीबो मा बांटे जै सकदो छो अर ऊंल वीं तैं झिड़कण के अपड़ो गुस्सा दिखण लगि गैनी। Viz kapitolaGarhwali5 किलैकि यू इतर त तीन सौ दीनार से भि जादा मा बिकी सकदु छौ, अर गरीबों तैं दिये जै सकदु छौ।” अर इन बोलि के वु वींतैं झिड़कण लगि गैनी। Viz kapitola |