मत्ती 8:27 - गढवली नयो नियम27 अर चेला हकदक हवे के बुल्ण लगि गैनी यु कन्दरो आदिम च, “जु कि अतरोळ-बतरोळ तैं भि अर लहर भि वेको बुल्युं मणदींनि।” Viz kapitolaGarhwali27 अर वु हकदक ह्वेके बोन्न लगि गैनी कि “यू कन्द्रयो मनखि च जु कि तूफान अर झील भि येकी बातों तैं मणदिन?” Viz kapitola |