मत्ती 6:24 - गढवली नयो नियम24 कुई मनिख एक ही बगत पर द्वी स्वामियों कि सेवा नि कैरी सकद, किलैकि उ एक बट्टी बैर अर दुसरा बट्टी प्रेम रखलो या एक कु ईमानदार रालो अर दुसरा तैं तुच्छ जंणुलो तुम परमेश्वर अर धन दियूं कि सेवा नि कैरी सकदां। Viz kapitolaGarhwali24 तब यीशु न भीड़ का लोगु कू इन भि बोलि, “कुई भि मनखि दुई मालिकों की सेवा नि कैरी सकदु, किलैकि अगर वु करलु त एक बटि प्यार करलु अर दुसरा बटि नफरत, य त उ एक का दगड़ा मा वफादार रालु अर दुसरो को तिरिस्कार करलु। ठिक उन्नि तुम लोग भि परमेस्वर अर धन दुईयों की सेवा नि कैरी सकद्यां। Viz kapitola |