मत्ती 5:6 - गढवली नयो नियम6 “धन्य छिन उ जु धार्मिकता से जीवन जीणै की सच्ची इच्छा रखदींनि, किलैकि परमेश्वर ऊं तैं तृप्त करलो।” Viz kapitolaGarhwali6 “धन्य छिन ऊ, जु धरमी जीवन जीणु खुणि भूका अर प्यासा छिन, किलैकि ऊंकी तड़प पूरि किये जालि। Viz kapitola |