मत्ती 26:35 - गढवली नयो नियम35 पर पतरस ल अर भि जोर दे के बोलि, जु तेरा दगड़ा मि तैं मुरण भि पुड़लो तब भि मि त्वे तैं पछ्यण बट्टी इन्कार नि करुलु इन ही और सभि चेलों भि बोलि। Viz kapitolaGarhwali35 मगर पतरस न वेकू बोलि, “गुरुजी, अगर मितैं तुमरा दगड़ा मा मुरण भि पोड़लु, तभि भि मि तुमतै नि नकरुलु।” अर ठिक इन्नि सब चेलों न भि बोलि। Viz kapitola |