मत्ती 25:8 - गढवली नयो नियम8 अर मूर्ख अणबिवाकों ल समझदार अणबिवाकों कु बोलि अपड़ा जैतून कु तेल मा बट्टी कुछ हम तैं भि द्या किलैकि हमारा दिवडा बुझंण वला छिन। Viz kapitolaGarhwali8 तब मूरख कुंवारियों न समझदारों कू बोलि, ‘जरा अपणा तेल मा बटि कुछ हमतै भि दे द्या, किलैकि हमरि चिमनी बुझण वळी छिन।’ Viz kapitola |