मत्ती 25:11 - गढवली नयो नियम11 वेका बाद उ दुसरी कुँवारियाँ भि वापिस ऐनी रूंदा अर ब्योला तैं बुल्ण लगि गै “हे स्वामी, हे स्वामी हम कु द्वार खोल।” Viz kapitolaGarhwali11 अर कुछ देर बाद ऊ मूरख कुंवारियाँ भि ऐके बोन्न लगि गैनी, ‘प्रभु, हे प्रभु, हम खुणि भि द्वार खोली द्या।’ Viz kapitola |