मत्ती 24:50 - गढवली नयो नियम50 त वे सेवक को स्वामी इन दिन मा वापिस आलो जब उ वे तैं नि जुगल्णु रालो अर इन बगत मा जै तैं उन ही जंणदु हो Viz kapitolaGarhwali50 तब वे नौकर को मालिक एक इन्द्रया दिन पर आलु जै दिन कि वेतैं आस भि नि होलि, बल्किन मा इन्द्रया बगत पर आलु जैका बारा मा उ जणदु भि नि होलु। Viz kapitola |