मत्ती 22:25 - गढवली नयो नियम25 अब हमारा इख सात भैय छा अर सबसे बड़ो भैय ब्यो कैरी निसंतान मोरि गै अर सन्तान नि हूंण का कारण से अपड़ी घरवलि तैं अपड़ा भैय कु छोड़िगे। Viz kapitolaGarhwali25 त गुरुजी, बात इन च कि, हमरा इख सात भै छा अर जब पैला भै को ब्यौ ह्वे, त बिना औलाद को सुख दिख्यां ही उ मोरि गै। अर वेकी औलाद नि छै, इलै वेका दुसरा भै न भाभी तैं अपणु बणै दिनी, मगर उ भि बिना औलाद को सुख दिख्यां मोरि गै। Viz kapitola |