यहूदा 1:11 - गढवली नयो नियम11 ऊं पर हाय! कि उ कैन का जन दुष्टता बट्टी अपड़ा जीवन तैं चलौंदींनि, जैल अपड़ा भैय की हत्या कैरी किलैकि उ वे बट्टी जलदो छो, किलैकि पिता परमेश्वर ल वेका भैय का बलिदान तैं स्वीकार कैरी छो पर वेका बलिदान तैं न। उ बिलाम का जन च, जैल पिता परमेश्वर का लुखुं तैं पाप कनु कु उकसांणै की कोशिश कैरी, कि उ धन तैं पै सैका जै की पेशकश वे तैं किये गै छै। उ कुयड़ा जन नाश हवे जाला, जैल वे अधिकार का विरुद्ध मा विद्रोह कैरी जु पिता परमेश्वर ल मूसा तैं द्ये छो। Viz kapitolaGarhwali11 अर हाय च यों लोगु खुणि, किलैकि यू कैन का बाटा पर चलण लगि गैनी, जैन अपणा ही भै तैं मारी दिनी। अर रुपयों का लालच मा बिलाम की तरौं धोखा देन्दिन, अर कोरह का जन बगाबत कैरिके नास ह्वे गैनी। Viz kapitola |