याकूब 1:7 - गढवली नयो नियम7 इन्दरा मनिख को मन सदनी बदलणु रौंदो, इन मनिख यु न समझो, कि मि तैं प्रभु बट्टी कुछ मिललो अर लोग वे पर निर्भर नि रै सकदींनि। Viz kapitolaGarhwali7 अर इन्द्रया मनखि तैं या उम्मीद नि रखण चयेणी, कि वेतैं परमेस्वर बटि कुछ मिललु। Viz kapitola |