इब्रानी 7:11 - गढवली नयो नियम11 लुखुं तैं याजकों की रीति का आधार पर ही मूसा की व्यवस्था दीं छै जब लेवी गोत्र का हारुन बट्टी ए छै, पर ऊं तैं उ ही रीति का द्वारा सिद्ध नि बणये गयै छो; इलै एक और याजक का आंणै की जरूरत छै, एक इन याजक जु हारुन का जन न बल्कि मलिकिसिदक याजक का जन हो। Viz kapitolaGarhwali11 अर अगर मूसा रैबर्या का दियां नियम-कानूनों का मुताबिक पुरोहित लोग केवल लेवी का वंशज अर पितर हारुन की पीढ़ी का ही होला, त या योजना कै भि मनखि तैं सिद्ध नि कैरी सकदी। अर अगर इन जि ह्वे जान्दु त पुरोहित अपणा काम तैं लगातार कना रौन्दा, मगर पिता परमेस्वर न त अपणी सेवा करण खुणि एक अलग ही पुरोहित तैं चुणी जु कि पितर लेवी का वंश मदि नि छौ। इलै मलिकिसिदक की तरौं सदनि को पुरोहित होणु खुणि एक नयू आदिम चुणै गै। Viz kapitola |