इब्रानी 3:15 - गढवली नयो नियम15 जन कि परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, “जु तुम आज पिता परमेश्वर की आवाज तैं सूंणा, त अपड़ा मनों तैं ढीट नि बणा” जन की तुम्हरा पुरणों ल कैरी छो, अर जैल जंगल मा अजमैश का बगत पिता परमेश्वर कु विरोध कैरी Viz kapitolaGarhwali15 अर जन कि पवित्रशास्त्र मा परमेस्वर बुल्दु कि, “अगर जु तुम आज मेरी आवाज तैं सुणिल्या, त अपणा मनों तैं निठुर नि कर्यां। जन कि तुमरा पितरों न निर्जन जगा मा मितैं गुस्सा दिलौण का बगत कैरी छौ।” Viz kapitola |