इब्रानी 12:1 - गढवली नयो नियम1 हमारा अमणी-संमणी इन कई लोग छिनी जु की जिन्दगी हम तैं बतांद कि विश्वास कु मतलब क्य च; हर एक रुकण वली चीज, अर उलझांण वला पापों तैं दूर कैरी के हम वे बट्टा पर चला जै पर हम तैं जरूरी चलण चयणु च, उख चला। Viz kapitolaGarhwali1 हे मेरा भै-बैंणो, हम इन्द्रया ही भौत सा लोगु का बारा मा जणदा छां, जु कि बिस्वास का बारा मा हमतै हौसला देन्दा छिन। इलै अब हम पक्कु बिस्वास बणै के रखा, ठिक उन्नि जन एक खिलाड़ी अपणा बाटा मा औण वळी रुकावट तैं दूर करदु, ठिक इन्नि हम भि सब पापों तैं छोड़ि द्या अर सबर रखी के हरेक किसम की परेसानी तैं झेली के परमेस्वर का पिछनै चलण वळा बणा। Viz kapitola |