खास चेलों 26:14 - गढवली नयो नियम14 हम सभि धरती पर पोड़ी ग्यां त मिल इब्रानी भाषा मा एक आवाज तैं इन बुल्द सूंणि कि, ‘शाऊल हे शाऊल, तू मि तैं दुःख किलै दींणि छै? कील की नौक पर लथि मरण त्वे कु सौंगु नि च’ Viz kapitolaGarhwali14 अर हम सब भ्वीं मा फरके ग्यां, तब एक आवाज न इब्रानी भाषा मा मिकू बोलि, ‘हे शाऊल, तू मितैं किलै सतौणी छैई? कुल्हड़ा पर खुटे मरण त्वेकू ठिक नि च।’ Viz kapitola |