खास चेलों 22:7 - गढवली नयो नियम7 अर मि धरती मा पोड़ी ग्यों; अर मिल एक आवाज सूंणि ज्वा मि कु बुल्णी छै कि, “शाऊल, हे शाऊल, तु मि तैं दुःख किलै दींणि छै?” Viz kapitolaGarhwali7 अर मि भ्वीं मा फरके ग्यों तब एक आवाज न मिकू बोलि, ‘हे शाऊल, तू मितैं किलै सतौणी छैई?’ Viz kapitola |