2 पतरस 3:1 - गढवली नयो नियम1 हे प्रियों, अब मि तुम तैं य दुसरी चिठ्ठी लिखणु छो, अर द्वी चिठ्ठियूं मा मि तुम तैं सै ढंग से सुचणु कु प्रोत्साहित कनै की कोशिश कनु छो, तुम तैं व ही चीज याद दिलांण का द्वारा जु तुम पैली ही सीख ज्ञा। Viz kapitolaGarhwali1 हे मेरा प्यारा भै-बैंणो, मि तुम खुणि या दुसरि चिठ्ठी लिखणु छौं। अर जन मिन अपणी पैलि चिठ्ठी मा लिखी छौ, ठिक उन्नि ईं चिठ्ठी मा भि कुछ बातों तैं लिखी के मि तुमरि सोच तैं साफ रखण चान्दु। अर तुमतै काबिल बणाण चाणु छौं, Viz kapitola |