2 पतरस 2:4 - गढवली नयो नियम4 तुम जंणदा छा कि भौत बगत पैली पिता परमेश्वर ऊं दुष्टदूतों तैं भि दण्ड दींण से नि रुकि जब ऊंल पाप कैरी, पर ऊं तैं मूड़ी नरक मा भेजि दींनि जख ऊं तैं अंधेरा मा जंजीरों मा बंधि के रखदींनि, जबकि उ न्याय कु दिन को इन्तेजार करदींनि जब ऊं तैं दण्ड मिललो जैका उ योग्य छिनी। Viz kapitolaGarhwali4 किलैकि परमेस्वर न पाप करण वळा ऊं स्वर्गदूतों तैं भि नि छोड़ि, बल्किन मा वेन ऊंतैं सजा दिनी। वेन ऊंतैं नरकलोक का सबसे अन्धेरा वळी जगा मा ढोळि दिनी, ताकि न्याय का दिन तक ऊंतैं उख रखै जौ, अर वे दिन पर ऊंतैं दण्ड दिये जौ। Viz kapitola |