2 पतरस 2:18 - गढवली नयो नियम18 जब उ लुखुं तैं शिक्षा दींदिनि, त उ बेकार अर घमण्ड से भुरयां शब्दों को इस्तेमाल करदींनि। उ लुखुं तैं बतौंदींनि कि उ ऊं शर्मनाक कामों तैं कैरी सकदींनि जु ऊंकी देह कन चांदी अर उ ऊं लुखुं तैं दुबरा पाप कनु कु भरमै दींदिनि जु अभि-अभि इन दुष्टता का जीवन बट्टी बची के निकलयां छिनी। Viz kapitolaGarhwali18 अर झूठ्ठा लोग बेकार कि बात करदिन, अर अपणा गन्दा कामों का द्वारा दुसरा लोगु तैं सरील की बुरी इच्छा मा फंसै देन्दिन। अर अभि-अभि जु लोग सच्चै का बाटा पर चलण लगि गै छा, यू ऊंतैं फिर से भटके देन्दिन। Viz kapitola |