2 पतरस 2:14 - गढवली नयो नियम14 उ हर एक जनन दगड़ी व्यभिचार कन चयदींनि, जै तैं उ दिखदींनि। उ पाप कना का मौका खुजंण से कभी नि चुकदींनि। उ कमजोर आत्माओं तैं लुभोदींनि अर ऊं लुखुं तैं धोखा दींदिनि जु मसीह पर मजबूत विश्वास नि करदींनि, अर उ ऊं तैं पाप का तरपां लिजांद। ऊंका जादा से जादा चीजों तैं पांणु कु हमेशा बढ़ण वला लालच का कारण पिता परमेश्वर ऊं तैं दण्ड दयालो। Viz kapitolaGarhwali14 त यों का आंखा हमेसा इन्दरि जनानि कि ताक मा रौनदिन, जिं का दगड़ा मा यू गळत काम कैरी सैका। अर इन कैरिके यों का आंखा पाप करण खुणि ही लग्यां रौनदिन। अर यू लोग चंचल मन वळो तैं भरमै देन्दिन, अर यों का मन मा भौत लालच भोरयूं च। असल मा यू वु लोग छिन जौं पर असगार पोड़्यूं च। Viz kapitola |