2 कुरिन्थि 3:1 - गढवली नयो नियम1 क्य हम दुबरा अपड़ी बढ़ै कना रां? या कुछ अन्य आदमियों का जन सिफारिश की चिठ्ठी तुम मा लांण या तुम मा बट्टी लींण चयणी च? बिल्कुल भि न। Viz kapitolaGarhwali1 हे मेरा भै-बैंणो, क्या हमतै एक बार फिर से अपणा बारा मा बतौण पोड़लु कि हम कु छां? अर क्या अब हमतै एक-दुसरा की सिपारिस खुणि चिठ्ठी लिखण पोड़लि, जन कि ईं दुनियां मा लोग करदिन। Viz kapitola |