2 कुरिन्थि 11:23 - गढवली नयो नियम23 क्य उ ही मसीह का सेवक छिनी (मि बौलयों जन बुल्णु छो) मि ऊं बट्टी बढ़ि के छो। मिल ऊं बट्टी कई जादा मेहनत कैरी, ऊं बट्टी कई जादा बंधि बणयूं, कई बार पिटे ग्यों, अक्सर ही मेरा प्राण संकट मा पुड़ीनि। Viz kapitolaGarhwali23 अर वु लोग बड़ु मोन करदिन कि वु यीशु मसीह की सेवा करणा छिन। पर अब मि भि एक मूरख की तरौं तुमतै चितै देन्दु, कि मि यीशु मसीह खुणि भौत मेनत कनु छौं अर कई बार जेलखाना डळै ग्यों, अर भौत बार लोगु न मितैं बुरी तरौं से मारी, इख तक की कई बार मुरण वळु भि छौ मगर बचि ग्यों। अर मेरा दगड़ा मा यू सब इलै ह्वे किलैकि मि यीशु मसीह को सेवक छौं। Viz kapitola |