1 कुरिन्थि 6:13 - गढवली नयो नियम13 मि एक विश्वासी छों, इलै मि तैं सब कुछ खांणै की आजादी त च, खांणु हमारा देह कु, अर पुटगो खांणु कु, यु सच च पर पिता परमेश्वर हमारा पुटगा अर खांणु दुयूं तैं नष्ट कैरी दयालो, देह व्यभिचार कु नि, हम तैं अपड़ा देह कु इस्तेमाल ऊं कामों कु कन चयणु च जु प्रभु चांद, अर हमारी देह भि प्रभु कु ही च। Viz kapitolaGarhwali13 अर कुछ लोग त इन भि बुल्दिन कि, “पुटगु त इलै ही च कि खाणुक खये जौ, अर खाणुक भि इलै ही च कि पुटगु भुरे जौ।” अर चला, मणद्यां कि या बात ठिक च, मगर औण वळा बगत मा पिता परमेस्वर न यों दुईयों को नास कैरी देण। हे मेरा दगड़्यों, जैका दगड़ा मा तुमरो ब्यौ नि कर्युं वेका अलावा कै दुसरा का दगड़ा मा गळत सम्बन्ध नि रखा, किलैकि या बात तुमरा सरील खुणि ठिक नि च। अर तुम मेरी बात तैं ध्यान से सुणा, केवल प्रभु यीशु ही च जु कि हमरा सरील को मालिक च। Viz kapitola |