1 कुरिन्थि 5:2 - गढवली नयो नियम2 तुम तैं बल्कि दुःख बट्टी भुरे जांण चयणु च अर वे आदिम तैं जैल इन काम कैरी, वे तैं मण्डलि बट्टी भैर निकाली दींण चयणु च पर यांका बजाय तुम और भि जादा बड़ा मोन का हवे ग्यां। Viz kapitolaGarhwali2 अर तुम ईं बात पर बड़ु मोन करद्यां, जब कि तुमतै दुखी होण चयेणु छौ। अर जै आदिम न यू काम कैरी, वेतैं त तुमरा बीच मा बटि बेदखल कर देण चयेणु। Viz kapitola |