1 कुरिन्थि 12:30 - गढवली नयो नियम30 कुछ ही छिनी, जौं तैं चंगा कनु कु वरदान मिल्युं च, कुछ ही छिनी जु बनि-बनि किस्मै की भाषा बुल्दींनि। Viz kapitolaGarhwali30 अर नऽ ही सब लोग बिमारों तैं खूब कैरी सकदिन, अर ना ही सब लोग अलग-अलग भाषा बोलि सकदिन। अर ना ही सब लोगु तैं इन बरदान मिल्यूं च कि वु अलग-अलग भाषा को अनुवाद कैरिके आम बोल-चाल मा वेको मतलब बतै सैका। Viz kapitola |