1 कुरिन्थि 1:7 - गढवली नयो नियम7 इन ही कै तुम मा हरेक आत्मिक वरदान च, ज्यांकी तुम तैं जरूरत च, अर तुम तैं हमारा प्रभु यीशु मसीह का वापिस आंण कु इन्तेजार करदां। Viz kapitolaGarhwali7 अर अब तुम मा कैं भि आत्मिक दान-बरदान की कमी नि च, किलैकि वेन तुम पर किरपा कैरिके तुमतै सब कुछ दान का रुप मा दियाली। इलै तुम भि हमरा प्रभु यीशु मसीह का वापस औण को इंतजार कना छाँ। Viz kapitola |