तीतुस 1:8 - Garhwali8 पर उ त मैमानों की सेवा-भगत करण वळु, अर भलै तैं पसन्द करण वळु, सबर रखण वळु, ठिक न्याय करण वळु हो, अर खुद पर वस रखण वळु, अर पवित्र हो। Viz kapitolaगढवली नयो नियम8 पर प्रेम का दगड़ी मेहमानदरी कन वलो, भलै तैं चांण वलो, सब्र रखण वलो, ईमानदार, पवित्र अर अपड़ी इच्छा पर काबू रखण वलो। Viz kapitola |