तीतुस 1:15 - Garhwali15 अर जौं को मन शुद्ध च इन्द्रया लोगु खुणि सब कुछ शुद्ध च, पर जौं लोगु का मन मा बुरै भुरीं च अर जु बिस्वास नि करदिन ऊं खुणि कुछ भि शुद्ध नि च। अर ऊं लोगु की अकल अर मन इन बिगाड़ि गै, अर ऊंतैं इन पता नि च कि क्या जि सही च अर क्या जि गळत। Viz kapitolaगढवली नयो नियम15 ऊं लुखुं कु जूंको दिमाग शुद्ध च, ज्यां मा पापमय जीवन नि च, व्यवस्था का अनुसार सभि चीज शुद्ध छिनी, पर ऊं लुखुं कु जु बुरा छिनी, अर जु यीशु पर विश्वास नि करदींनि, जु कुछ भि उ करदींनि उ अशुद्ध च, किलैकि ऊंको दिल दिमाग अर द्वी ही पूरा ढंग ल बुरो हवे गै। Viz kapitola |