रोमियों 5:15 - Garhwali15 मगर पितर आदम अर वु मनखि एक जन नि छिन, किलैकि पिता परमेस्वर का द्वारा दियूं दान आदम का पाप का जन नि च। हे मेरा दगड़्यों, या बात सच्च च कि आदम का पाप का द्वारा मौत ईं दुनियां मा सब लोगु खुणि ऐ गै, मगर फिर भि पिता परमेस्वर की किरपा हम सभ्यों खुणि भौत बड़ी च, किलैकि अब यीशु मसीह का द्वारा सब लोगु तैं अपणा-अपणा पापों से माफी पौण को दान पिता परमेस्वर बटि मुफत मा मिली गै। Viz kapitolaगढवली नयो नियम15 पर आदम कु पाप वे वरदान का जन नि च जु पिता परमेश्वर हम तैं अपड़ा दया ल दींद। किलैकि एक मनिख कु पाप भौत लुखुं कु मृत्यु ले के ऐ पर परमेश्वर कि दया अर धार्मिकता कु वरदान जु वेल हम तैं द्ये, वेको दाम भौत लुखुं कु वे बट्टी कई जादा च। अर यीशु मसीह ल एक मनिख का रूप मा अपड़ी दया बट्टी जु कैरी, वेल यु तैं सम्भव कैरी। Viz kapitola |