दिब्य दरस 7:1 - Garhwali1 येका बाद मिन धरती का चरी कुणों पर चार स्वर्गदूत खड़ा होयां दिखिनी। अर ऊंन धरती मा चौतरफि दिसा की हवा तैं रोकी के रख्युं छौ, ताकि नऽ त कै डाळा पर, नऽ त धरती पर अर ना ही समुन्दर मा हवा चलु। Viz kapitolaगढवली नयो नियम1-2 यांका बाद, मिल चार स्वर्गदूतों तैं दुनिया का चरी कूंणों पर खड़ो देखि। ऊं स्वर्गदूतों तैं दुनिया तैं विपत्तियों बट्टी नुकसान पौछांण को पिता परमेश्वर का तरपां बट्टी अधिकार मिल्युं छो, चाहे उ समुन्द्र मा हो या धरती पर ऊंल दुनिया का चौ तरपां बट्टी डालों पर की हवा तैं रोक दींनि, कि समुन्द्र मा, अर धरती पर अर जंगल पर हवा नि चलो। मिल एक और स्वर्गदूत तैं पूर्व दिशा मा प्रकट हूंण देखि। वेमा पिता परमेश्वर की तरपां बट्टी एक मुहर छै जु हमेशा ज्यूँदो च, वे स्वर्गदूत ल ऊंची आवाज बट्टी ऊं चार स्वर्गदूतों तैं पुकारी अर बोलि, Viz kapitola |