दिब्य दरस 6:6 - Garhwali6 अर मिन चार ज्यून्दा पराणों का बीच मा इन आवाज सुणी, “इन्द्रयो अकाळ भेजि द्या कि सब कुछ मैंगु ह्वे जौ, अर एक किलो अनाज की कीमत एक दिन की ध्याड़ि का बराबर, अर तीन किलो जौ कि कीमत एक दिन की ध्याड़ि का बराबर हो, मगर जैतून अर अंगूरों का बगिचो तैं नुकसान नि पौंछै।” Viz kapitolaगढवली नयो नियम6 मिल सूंणि कि ऊं चार ज्यून्दा प्राणियों का बीच बट्टी कुई बुल्णु छो जु एक आदिम का जन छो, “भविष्य मा धरती पर अकाल होलो अर इलै एक दिन की मजदूरी भस एक किलो चौंल, या भस तीन किलो ग्यूं खरीदण कु ही पूरो होलो। पर जैतून का तेल अर दाखमधु की कीमत नि बदलली।” Viz kapitola |