दिब्य दरस 5:1 - Garhwali1 अर मिन देखि कि जु राजगद्दी पर बैठयूं छौ वेका दैंणा हाथ मा एक दस्तावेज च, अर वु भैर अर भितर दुई तरफा बटि लिख्यूं च, अर वे दस्तावेज तैं सात मोर लगै के बन्द करै गै छौ। Viz kapitolaगढवली नयो नियम1 अर जु सिंहासन पर बैठयूं छो, मिल ऊंका दैंणा हथ मा एक किताब (चाम्रपत्र) देखि, यु पर दुई तरपां मा लिख्युं छो, अर उ सात मुहर लगै के बन्द किये गै छै। Viz kapitola |