मत्ती 7:6 - Garhwali6 “अर जु चीज पवित्र छिन, ऊंतैं कुकरों तैं नि द्या, अर ना ही अपणा मोति सुंगरों का अगनै डाला, कखि इन नि हो की वु ऊंतैं अपणा खुटों का तौळ दबै द्या, अर पिछनै मुड़ि के तुमतै फाड़ी द्या अर टुकड़ा-टुकड़ा कैरी द्या।” Viz kapitolaगढवली नयो नियम6 “उ लुखुं तैं परमेश्वर का सन्देश नि सुंणौ जु यु तैं सुनण नि चंदिनी पर तुम जब इन करद्यां त यु इन होलो जनकै पवित्र वस्तु तैं कुत्तों का अगनैं ढुलण अर जन सुंगरु का अगनैं मोती ढुलण जु भस वे तैं रौंदी दयाला अर फिर तुम पर हमला करला।” Viz kapitola |