मत्ती 25:15 - Garhwali15 अर जु जथगा का लैख छौ वेन ऊंतैं उथगा ही चांदी का सिक्का दिनी, एक तैं पांच हजार सिक्का, दुसरा तैं दुई हजार सिक्का, अर तिसरा तैं एक हजार सिक्का दिनी। अर वेका बाद उ खुद परदेस चलि गै। Viz kapitolaगढवली नयो नियम15 वेल एक तैं पाँच चांदी का सिक्का अर दुसरा तैं द्वी अर तिसरा तैं एक हरेक तैं वेकी सामर्थ का अनुसार दींनि अर तब परदेश चलि गै। Viz kapitola |