मत्ती 24:51 - Garhwali51 तब वेको मालिक वेतैं कड़क से कड़क सजा दयालु, अर ज्वा जगा ढोंगि लोगु खुणि ठैरैईं च वेतैं भि उखि रखै जालु। अर उख सिरफ रुंण, अर दांतों तैं कड़गिटाण ही होलु।” Viz kapitolaगढवली नयो नियम51 तब उ वे तैं भौत कड़ी सजा दयालो अर वेको भाग बांटो कपटि लुखुं का दगड़ा मा ठैरालो उख रूंण अर दांतों कु पिसंण होलो। Viz kapitola |