लूका 6:45 - Garhwali45 अर उन्नि अच्छा मनखि का मन मा अच्छी बात होनदिन, इलै उ अपणा मन से अच्छी बात ही बुल्दु, अर एक बुरु मनखि वेका मन मा जु बुरी बात होनदिन, इलै उ ऊंतैं ही निकळदु। किलैकि जै मनखि का मन मा जन बात भोरी होलि, उई बात वेका गिच्चा बटि औन्दिन।” Viz kapitolaगढवली नयो नियम45 भलो मनिख अपड़ा मन का भला भण्डार बट्टी भलि बात निकलदु अर बुरो मनिख अपड़ा मन का बुरा भण्डार बट्टी बुरी बात निकलदु किलैकि जु मन मा भुर्युं च उ ही वेका गिच्चा मा औंदु। Viz kapitola |